Click here to Print


इस अधिनियम, उसके तहत  आयोग द्वारा बनाये गए नियमों  या कोई आदेश या निर्देश के गैर अनुपालन या किसी प्रावधान का उल्लंघन , एक दंडनीय अपराध होगा जिसके लिए पांच वर्ष तक कारागार की सजा या एक करोड़ रुपये तक का अर्थदंड या दोनों का प्रावधान है

 

अपराध असंज्ञेय होगा और प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय होगा

 

Any Non-compliance or contravention of any provisions of this Act, rules made thereunder or any order or direction issued by the Commission, shall be an offence punishable with imprisonment for a term which may extend upto five years or with fine which may extend upto one crore rupees or with both. 

 

The Offence shall be Non-Cognizable and triable by Jurisdictional Magistrate of the First Class.